योजनाएं

   


पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय द्वारा संचालित कार्यक्रम

     पिछड़े वर्गो के उत्थान के लिए शिक्षा का स्थान सर्वोपरि है, शिक्षा के अभाव के कारण ही कोई वर्ग पिछड़ा रह जाता है। भारत के स्वंतत्रता प्राप्ति की लम्बी अवधि के बाद भी अन्य पिछड़े वर्ग के शैक्षिक स्तर में अभी तक बहुत कम सुधार हुआ है। प्रदेश की कुल साक्षरता 56.3 प्रतिशत है, जिससें में पुरूषों की साक्षरता 98.8 प्रतिशत है और महिलाओं की साक्षरता केवल 42.2 प्रतिशत है। शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लि कई प्रयत्न किए गए हैं। वर्तमान में पिछड़े वर्ग के विकास के लिए शैक्षिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत पूर्वदशम छात्रवृत्ति, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं छात्रावास निर्माण के साथ नई योजनाओं में दशमोत्तर कक्षाओं के लिए प्रवेश शुल्क प्रतिपूर्ति, बेराजगार युवक/युवतियों के कम्प्यूटर प्रशिक्षण की योजनायें एवं गरीब नि‍र्धन, नि‍राश्रि‍त लोगों की पुत्रि‍यों की शादी एवं बीमारी के इलाज हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु शादी-बीमारी योजना संचालि‍त की जा रही है। इसके अतिरिक्त पिछड़े वर्गो को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को भारत सरकार से अनुदान दिलाये जाने की योजनाऐं भी संचालित की जा रही हैं।

 

1.    पूर्वदशम् छात्रवृत्ति योजना -
     पूर्वदशम कक्षाओ में अध्ययनरत पिछड़े वर्ग के पात्र छात्र / छात्राओं को निम्नलिखित विवरण के अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण कराया जा रहा है। वर्तमान दरें एवं आय सीमा की शर्ते निम्नवत है:-

 

क्र० सं०

कक्षा

 छात्रवृत्ति की मासिक दर

अभिभावक की आय सीमा

 वर्ष मे देयता

वर्तमान में

1

कक्षा 1 से 5

रू० 25

कोई आय सीमा नहीं

12 माह

संचालित नहीं है

2

कक्षा 6 से 8

रू० 40

कोई आय सीमा नहीं

तदैव

संचालित नहीं है

3

कक्षा से 10

रू० 150

दो लाख वार्षिक

तदैव

संचालित है

 

2.    दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना -
     दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत पिछड़े वर्ग के ऐसे सभी छात्र-छात्राओं को जिनके माता -पिता / अभिभावकों की वार्षिक आय रू० 2 लाख तक है, को निम्नलिखित विवरण के अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण कराया जा रहा है। भारत सरकार की दरें एवं राज्‍य सरकार की लागू दरों का विवरण निम्नवत है:-

 

क्र० सं०

 समूह

पाठयक्रम

 छात्रवृत्ति की दरें

छात्रावासीय छात्र दरें

दिवा छात्र दरें

1

समूह -1

स्नातक / स्नातकोत्तर /व्यवसायिक

1200.00

550.00

2

समूह -2

स्नातक तथा स्नातक डिप्लोमा

820.00

530.00

3

समूह -3

स्नातक या इससे संबधित डिग्री कोर्स

570.00

300.00

4

समूह -4

इण्टरमीडिएट तथा आई०टी०आई मैट्रिकुलेशन स्तरीय पाठ्यक्रम

380.00

230.00

 

       छात्रवृत्ति का वि‍तरण कक्षा 1 से 8 तक ग्राम नि‍धि‍ के माध्‍यम से नकद एवं कक्षा 9 व इसके ऊपर कक्षाओं में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को उनके द्वारा खोले गये बैंक खातों में पी0एफ0एम0एस0 प्रणाली द्वारा अन्‍तरण की जाती है। छात्रवृत्ति वि‍तरण प्रक्रि‍या का सम्‍पूर्ण कम्‍प्‍यूटरीकरण वर्ष 2007-08 से कि‍या गया है।
 

3.    अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र / छात्राओं हेतु छात्रावास निर्माण की योजना -
     ग्रामीण क्षेत्रों के पिछड़ा वर्ग के छात्र / छात्रायें जो गरीब वर्ग के हैं और धनाभाव के कारण शिक्षा को बीच में ही छोड़ देतें हैं, क्‍योकि शैक्षिक केन्द्रों मे रहने  के लिए समुचित आवासीय सुविधा उपलब्ध नही है। इस समस्या के निराकरण के लिए  शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिये आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थाओं के परिसर में छात्रावास का निर्माण कराया जाता है। भारत सरकार की नवीन गाइडलाइन के अनुसार राजकीय शिक्षण संस्थानों हेतु बजट व्यवस्था छात्राओं के लिये छात्रावास हेतु 90:10 केन्द्रांश और राज्यांश है, छात्रों हेतु 60:40 केन्द्रांश और राज्यांश है और एन0जी0ओ0 द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं में छात्र/छात्राओं के लिये छात्रावास हेतु 45:45:10 केन्द्रांश/राज्यांश/एन0जी0ओ0 अंश निर्धारित है। योजना वर्ष 2002-2003 से संचालित है।

 

4.      दशमोत्तर कक्षाओं हेतु शुल्क प्रतिपूर्ति योजना -
     उत्‍तर प्रदेश के नि‍वासी एवं प्रदेश में अध्‍ययनरत दशमोत्तर कक्षाओं के पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को, जिनके माता पिता की वार्षिक आय रू० 2 लाख तक हो, प्रवेश शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा वर्ष 2007-08 से प्रदान की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को प्रवेश शुल्क की प्रतिपूर्ति राजकीय शैक्षि‍क संस्‍थाओं में अनुमन्‍य दर के अनुसार दी जाती है। 

 

5.      पुत्रियों की शादी अनुदान योजना -
      पिछड़े वर्ग के नि:सहाय निर्धन तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना वर्ष 2007-08 से संचालित की गयी है। जिसमें नि‍राश्रि‍त वि‍धवाओं, अपंगों, भूमिहीनों एवं दैवी आपदा से ग्रसि‍त लोगों की पुत्रि‍यों की शादी हेतु शीर्ष प्राथमि‍कता दी जायेगी। इस योजना के तहत पिछड़े वर्ग के पुत्रियों की शादी हेतु रू० 20 हजार अनुमन्य है तथा शादी हेतु लड़की की आयु 18 वर्ष से अधिक का होना आवश्यक है। वर्तमान में इस योजना हेतु बजट व्यवस्था को शून्य कर दिया गया है।

 

6.      छात्रवृत्ति योजना का कम्प्यूटरीकरण -
      पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के कम्प्यूटरीकरण के साथ छात्रवृत्ति की धनराशि को पात्र व्यक्ति तक सीधे पॅहुचाने एवं अनियमियतता पर अंकुश लगानें हेतु कक्षा 1से 8 तक ग्रामनिधि -3 के खातों मे तथा कक्षा 9 या इससे ऊपर की कक्षाओं में अध्ययनरत पिछड़ें वर्ग के छात्र- छात्राओं को सीधे उनके खातों मे एन०आई०सी० द्वारा विकसित साफ्टवेयर पर इन्ट्री कराते हुए बैंक के माध्यम से छात्रवृत्ति की धनराशि का वितरण कराया जाता है। इस हेतु प्रत्येक जनपद में 2-2 कम्प्यूटर, कम्प्यूटर आपरेटर की व्यवस्था  भी की गयी है तथा जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को गतिशील करने एवं योजना के प्रभावी अनुश्रवण में गतिशीलता प्रदान करने हेतु प्रतिमाह रू० 5 हजार यात्रा व्यय हेतु धनराशि की व्यवस्था की गयी है।
 

7.       बेरोजगार युवक / युवतियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना -
       अन्य पिछड़े वर्ग के इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण बेरोजगार युवक/युवतियों, जिनके संरक्षक/अभिभावक की वार्षिक आय रू0 1.00 लाख तक है, को रोजगार के सुअवसर प्रदान करने हेतु ओ लेवल/सी.सी.सी. कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भारत सरकार की डोयक सोसाइटी (नीलिट) से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। उक्त योजना हेतु ओ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए भुगतान की जाने वाली धनराशि अधिकतम रू0 15,000.00 प्रति प्रशिक्षार्थी एवं सी.सी.सी. कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए भुगतान की जाने वाली धनराशि अधिकतम रू0 3,500.00 प्रति प्रशिक्षार्थी की दर से संस्था को किये जाने का प्राविधान है। ओ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष एवं सी.सी.सी. कम्प्यूटर प्रशिक्षण की अवधि 03 माह होती है।

 

8.    स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान -
      सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों का विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण देने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। योजना के अन्तर्गत कारपेन्टरी, कम्प्यूटर सेन्टर, क्राफ्ट सेंटर, दरीमेकिंग, डीजल पम्प रिपेयर, इलेक्ट्रीशयन, फ्रूट प्रिजरवेशन, जैम कटिंग, मोटर बाइडिंग, फिटर, फोटोग्राफी, प्लम्बरिंग, प्रिंटिंग, कम्पोजिंग एवं बुक बाइंडिंग, स्कूटर / मोटर साइकिल / आटों रिक्शा रिपेयरिंग, स्पिनिंग एवं बीविंग, टाइपिंग एण्ड शार्टहैण्‍ड, लेदर आर्ट, स्प्रे पेंटिंग एण्ड डेंटिंग, वेल्डिंग एण्ड फिटर, टी०वी० / वी०सी०आर० / रेडियो रिपेयर आदि व्यवसायों पर स्वैच्छिक संस्थाओं से आनलाइन प्रस्ताव मांगे जाते हैं। उक्त प्रस्तावों को संबंधित जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी निश्चित  अवधि के भीतर संस्था का  स्थलीय निरीक्षण करने के पश्चात् अपनी संस्तुति के साथ जिलाधिकारी  के माध्यम से निदेशालय को भेजते हैं। निदेशालय से जांचोपरान्त इन प्रस्तावों को शासन भेजा जाता है। शासन द्वारा उक्त प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जाता है। योजना की स्वीकृति एवं धनराशि भारत सरकार द्वारा सीधे संस्‍था को दी जाती है।
 

9.    सर्तकता प्रकोष्ठ -
      आरक्षण की अनुमन्यता हेतु जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र उस क्षेत्र में जिसमें अभ्यर्थी निवास करता हो अथवा जहां उसका जन्म हुआ होके जिलाधिकारी/अतिरिक्त जिलाधिकारी या सिटी मजिस्ट्रेट अथवा तहसीलदार को संबंधित अभ्यर्थी द्वारा यदि वह व्यवस्क हैं अथवा उसके माता पिता या अभिभावक द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा, जिसके साथ राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित एक शपथ पत्र के साथ अभ्यर्थी की जाति, उपजाति, जातीय  समुदाय, जनजाति या जनजातीय समुदाय के वर्ग या भाग व अभ्यर्थी के मूल निवास आदि संबंधी ऐसे विवरण प्रस्तुत किये जायेंगें जो निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण उत्तर प्रदेश द्वारा विहित किये जायेंगे। जाति प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक सतर्कता प्रकोष्ठ गठित किया गया है जिसके द्वारा पिछड़ी जातियों को जारी किये गये प्रमाण-पत्रों की शिकायतें प्राप्त होने पर जांच की जाती है।